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65
وَلَئِن سَأَلتَهُم لَيَقولُنَّ إِنَّما كُنّا نَخوضُ وَنَلعَبُ ۚ قُل أَبِاللَّهِ وَآياتِهِ وَرَسولِهِ كُنتُم تَستَهزِئونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिससे तुम डरते हो ख़ुदा उसे ज़रूर ज़ाहिर कर देगा और अगर तुम उनसे पूछो (कि ये हरकत थी) तो ज़रूर यूं ही कहेगें कि हम तो यूं ही बातचीत (दिल्लगी) बाज़ी ही कर रहे थे तुम कहो कि हाए क्या तुम ख़ुदा से और उसकी आयतों से और उसके रसूल से हॅसी कर रहे थे