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66
لا تَعتَذِروا قَد كَفَرتُم بَعدَ إيمانِكُم ۚ إِن نَعفُ عَن طائِفَةٍ مِنكُم نُعَذِّب طائِفَةً بِأَنَّهُم كانوا مُجرِمينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

अब बातें न बनाओं हक़ तो ये हैं कि तुम ईमान लाने के बाद काफ़िर हो बैठे अगर हम तुममें से कुछ लोगों से दरगुज़र भी करें तो हम कुछ लोगों को सज़ा ज़रूर देगें इस वजह से कि ये लोग कुसूरवार ज़रूर हैं