You are here: Home » Chapter 52 » Verse 30 » Translation
← Sura 52 →
← Aya 30 →
30
أَم يَقولونَ شاعِرٌ نَتَرَبَّصُ بِهِ رَيبَ المَنونِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

क्या (तुमको) ये लोग कहते हैं कि (ये) शायर हैं (और) हम तो उसके बारे में ज़माने के हवादिस का इन्तेज़ार कर रहे हैं