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106
وَما يُؤمِنُ أَكثَرُهُم بِاللَّهِ إِلّا وَهُم مُشرِكونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और अक्सर लोगों की ये हालत है कि वह ख़ुदा पर ईमान तो नहीं लाते मगर शिर्क किए जाते हैं