You are here: Home » Chapter 9 » Verse 52 » Translation
← Sura 9 →
← Aya 52 →
52
قُل هَل تَرَبَّصونَ بِنا إِلّا إِحدَى الحُسنَيَينِ ۖ وَنَحنُ نَتَرَبَّصُ بِكُم أَن يُصيبَكُمُ اللَّهُ بِعَذابٍ مِن عِندِهِ أَو بِأَيدينا ۖ فَتَرَبَّصوا إِنّا مَعَكُم مُتَرَبِّصونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) तुम मुनाफिकों से कह दो कि तुम तो हमारे वास्ते (फतेह या शहादत) दो भलाइयों में से एक के ख्वाह मख्वाह मुन्तज़िर ही हो और हम तुम्हारे वास्ते उसके मुन्तज़िर हैं कि ख़ुदा तुम पर (ख़ास) अपने ही से कोई अज़ाब नाज़िल करे या हमारे हाथों से फिर (अच्छा) तुम भी इन्तेज़ार करो हम भी तुम्हारे साथ (साथ) इन्तेज़ार करते हैं