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50
إِن تُصِبكَ حَسَنَةٌ تَسُؤهُم ۖ وَإِن تُصِبكَ مُصيبَةٌ يَقولوا قَد أَخَذنا أَمرَنا مِن قَبلُ وَيَتَوَلَّوا وَهُم فَرِحونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तुमको कोई फायदा पहुंचा तो उन को बुरा मालूम होता है और अगर तुम पर कोई मुसीबत आ पड़ती तो ये लोग कहते हैं कि (इस वजह से) हमने अपना काम पहले ही ठीक कर लिया था और (ये कह कर) ख़ुश (तुम्हारे पास से उठकर) वापस लौटतें है