You are here: Home » Chapter 9 » Verse 19 » Translation
← Sura 9 →
← Aya 19 →
19
۞ أَجَعَلتُم سِقايَةَ الحاجِّ وَعِمارَةَ المَسجِدِ الحَرامِ كَمَن آمَنَ بِاللَّهِ وَاليَومِ الآخِرِ وَجاهَدَ في سَبيلِ اللَّهِ ۚ لا يَستَوونَ عِندَ اللَّهِ ۗ وَاللَّهُ لا يَهدِي القَومَ الظّالِمينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

क्या तुम लोगों ने हाजियों की सक़ाई (पानी पिलाने वाले) और मस्जिदुल हराम (ख़ानाए काबा की आबादियों को उस शख़्स के हमसर (बराबर) बना दिया है जो ख़ुदा और रोज़े आख़ेरत के दिन पर ईमान लाया और ख़ुदा के राह में जेहाद किया ख़ुदा के नज़दीक तो ये लोग बराबर नहीं और खुदा ज़ालिम लोगों की हिदायत नहीं करता है