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30
وَإِذ يَمكُرُ بِكَ الَّذينَ كَفَروا لِيُثبِتوكَ أَو يَقتُلوكَ أَو يُخرِجوكَ ۚ وَيَمكُرونَ وَيَمكُرُ اللَّهُ ۖ وَاللَّهُ خَيرُ الماكِرينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब कुफ्फ़ार तुम से फरेब कर रहे थे ताकि तुमको क़ैद कर लें या तुमको मार डाले तुम्हें (घर से) निकाल बाहर करे वह तो ये तदबीर (चालाकी) कर रहे थे और ख़ुदा भी (उनके ख़िलाफ) तदबीरकर रहा था