5عَسىٰ رَبُّهُ إِن طَلَّقَكُنَّ أَن يُبدِلَهُ أَزواجًا خَيرًا مِنكُنَّ مُسلِماتٍ مُؤمِناتٍ قانِتاتٍ تائِباتٍ عابِداتٍ سائِحاتٍ ثَيِّباتٍ وَأَبكارًاफ़ारूक़ ख़ान & नदवीअगर रसूल तुम लोगों को तलाक़ दे दे तो अनक़रीब ही उनका परवरदिगार तुम्हारे बदले उनको तुमसे अच्छी बीवियाँ अता करे जो फ़रमाबरदार ईमानदार ख़ुदा रसूल की मुतीय (गुनाहों से) तौबा करने वालियाँ इबादत गुज़ार रोज़ा रखने वालियाँ ब्याही हुई