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35
وَزُخرُفًا ۚ وَإِن كُلُّ ذٰلِكَ لَمّا مَتاعُ الحَياةِ الدُّنيا ۚ وَالآخِرَةُ عِندَ رَبِّكَ لِلمُتَّقينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ये सब साज़ो सामान, तो बस दुनियावी ज़िन्दगी के (चन्द रोज़ा) साज़ो सामान हैं (जो मिट जाएँगे) और आख़ेरत (का सामान) तो तुम्हारे परवरदिगार के यहॉ ख़ास परहेज़गारों के लिए है