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49
أَلَم تَرَ إِلَى الَّذينَ يُزَكّونَ أَنفُسَهُم ۚ بَلِ اللَّهُ يُزَكّي مَن يَشاءُ وَلا يُظلَمونَ فَتيلًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

क्या तुमने उन लोगों को नहीं देखा जो अपने को पूर्ण एवं शिष्ट होने का दावा करते हैं? (कोई यूँ ही शिष्ट नहीं हुआ करता) बल्कि अल्लाह ही जिसे चाहता है, पूर्णता एवं शिष्टता प्रदान करता है। और उनके साथ तनिक भी अत्याचार नहीं किया जाता