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43
فَأَقِم وَجهَكَ لِلدّينِ القَيِّمِ مِن قَبلِ أَن يَأتِيَ يَومٌ لا مَرَدَّ لَهُ مِنَ اللَّهِ ۖ يَومَئِذٍ يَصَّدَّعونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो (ऐ रसूल) तुम उस दिन के आने से पहले जो खुदा की तरफ से आकर रहेगा (और) कोई उसे रोक नहीं सकता अपना रुख़ मज़बूत (और सीधे दीन की तरफ किए रहो उस दिन लोग (परेशान होकर) अलग अलग हो जाएँगें