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Sura 30
Aya 43
43
فَأَقِم وَجهَكَ لِلدّينِ القَيِّمِ مِن قَبلِ أَن يَأتِيَ يَومٌ لا مَرَدَّ لَهُ مِنَ اللَّهِ ۖ يَومَئِذٍ يَصَّدَّعونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो (ऐ रसूल) तुम उस दिन के आने से पहले जो खुदा की तरफ से आकर रहेगा (और) कोई उसे रोक नहीं सकता अपना रुख़ मज़बूत (और सीधे दीन की तरफ किए रहो उस दिन लोग (परेशान होकर) अलग अलग हो जाएँगें