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35
أَم أَنزَلنا عَلَيهِم سُلطانًا فَهُوَ يَتَكَلَّمُ بِما كانوا بِهِ يُشرِكونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

क्या हमने उन लोगों पर कोई दलील नाज़िल की है जो उस (के हक़ होने) को बयान करती है जिसे ये लोग ख़ुदा का शरीक ठहराते हैं (हरग़िज नहीं)