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31
قُل إِن كُنتُم تُحِبّونَ اللَّهَ فَاتَّبِعوني يُحبِبكُمُ اللَّهُ وَيَغفِر لَكُم ذُنوبَكُم ۗ وَاللَّهُ غَفورٌ رَحيمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

कह दो, "यदि तुम अल्लाह से प्रेम करते हो तो मेरा अनुसरण करो, अल्लाह भी तुमसे प्रेम करेगा और तुम्हारे गुनाहों को क्षमा कर देगा। अल्लाह बड़ा क्षमाशील, दयावान है।"