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36
فَلَمّا جاءَ سُلَيمانَ قالَ أَتُمِدّونَنِ بِمالٍ فَما آتانِيَ اللَّهُ خَيرٌ مِمّا آتاكُم بَل أَنتُم بِهَدِيَّتِكُم تَفرَحونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

फिर जब वह सुलैमान के पास पहुँचा तो उसने (सुलैमान ने) कहा, "क्या तुम माल से मेरी सहायता करोगे, तो जो कुछ अल्लाह ने मुझे दिया है वह उससे कहीं उत्तम है, जो उसने तुम्हें दिया है? बल्कि तुम्ही लोग हो जो अपने उपहार से प्रसन्न होते हो!