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284
لِلَّهِ ما فِي السَّماواتِ وَما فِي الأَرضِ ۗ وَإِن تُبدوا ما في أَنفُسِكُم أَو تُخفوهُ يُحاسِبكُم بِهِ اللَّهُ ۖ فَيَغفِرُ لِمَن يَشاءُ وَيُعَذِّبُ مَن يَشاءُ ۗ وَاللَّهُ عَلىٰ كُلِّ شَيءٍ قَديرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अल्लाह ही का है जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है। और जो कुछ तुम्हारे मन है, यदि तुम उसे व्यक्त करो या छिपाओं, अल्लाह तुमसे उसका हिसाब लेगा। फिर वह जिसे चाहे क्षमा कर दे और जिसे चाहे यातना दे। अल्लाह को हर चीज़ की सामर्थ्य प्राप्त है