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46
المالُ وَالبَنونَ زينَةُ الحَياةِ الدُّنيا ۖ وَالباقِياتُ الصّالِحاتُ خَيرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوابًا وَخَيرٌ أَمَلًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

माल और बेटे तो केवल सांसारिक जीवन की शोभा है, जबकि बाक़ी रहनेवाली नेकियाँ ही तुम्हारे रब के यहाँ परिणाम की दृष्टि से भी उत्तम है और आशा की दृष्टि से भी वही उत्तम है