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45
وَنادىٰ نوحٌ رَبَّهُ فَقالَ رَبِّ إِنَّ ابني مِن أَهلي وَإِنَّ وَعدَكَ الحَقُّ وَأَنتَ أَحكَمُ الحاكِمينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और (जिस वक्त नूह का बेटा ग़रक (डूब) हो रहा था तो नूह ने अपने परवरदिगार को पुकारा और अर्ज़ की ऐ मेरे परवरदिगार इसमें तो शक़ नहीं कि मेरा बेटा मेरे अहल (घर वालों) में शामिल है और तूने वायदा किया था कि तेरे अहल को बचा लूँगा) और इसमें शक़ नहीं कि तेरा वायदा सच्चा है और तू सारे (जहान) के हाकिमों से बड़ा हाकिम है