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Sura 30
Aya 46
46
وَمِن آياتِهِ أَن يُرسِلَ الرِّياحَ مُبَشِّراتٍ وَلِيُذيقَكُم مِن رَحمَتِهِ وَلِتَجرِيَ الفُلكُ بِأَمرِهِ وَلِتَبتَغوا مِن فَضلِهِ وَلَعَلَّكُم تَشكُرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

उसी की (क़ुदरत) की निशानियों में से एक ये भी है कि वह हवाओं को (बारिश) की ख़ुशख़बरी के वास्ते (क़ब्ल से) भेज दिया करता है और ताकि तुम्हें अपनी रहमत की लज्ज़त चखाए और इसलिए भी कि (इसकी बदौलत) कश्तियां उसके हुक्म से चल खड़ी हो और ताकि तुम उसके फज़ल व करम से (अपनी रोज़ी) की तलाश करो और इसलिए भी ताकि तुम शुक्र करो