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Sura 29
Aya 60
60
وَكَأَيِّن مِن دابَّةٍ لا تَحمِلُ رِزقَهَا اللَّهُ يَرزُقُها وَإِيّاكُم ۚ وَهُوَ السَّميعُ العَليمُ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

कितने ही चलनेवाले जीवधारी है, जो अपनी रोज़ी उठाए नहीं फिरते। अल्लाह ही उन्हें रोज़ी देता है और तुम्हें भी! वह सब कुछ सुनता, जानता है