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Sura 26
Aya 3
3
لَعَلَّكَ باخِعٌ نَفسَكَ أَلّا يَكونوا مُؤمِنينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) शायद तुम (इस फिक्र में) अपनी जान हलाक कर डालोगे कि ये (कुफ्फार) मोमिन क्यो नहीं हो जाते