25لَقَد نَصَرَكُمُ اللَّهُ في مَواطِنَ كَثيرَةٍ ۙ وَيَومَ حُنَينٍ ۙ إِذ أَعجَبَتكُم كَثرَتُكُم فَلَم تُغنِ عَنكُم شَيئًا وَضاقَت عَلَيكُمُ الأَرضُ بِما رَحُبَت ثُمَّ وَلَّيتُم مُدبِرينَफ़ारूक़ ख़ान & अहमदअल्लाह बहुत-से अवसरों पर तुम्हारी सहायता कर चुका है और हुनैन (की लड़ाई) के दिन भी, जब तुम अपनी अधिकता पर फूल गए, तो वह तुम्हारे कुछ काम न आई और धरती अपनी विशालता के बावजूद तुम पर तंग हो गई। फिर तुम पीठ फेरकर भाग खड़े हुए