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118
وَعَلَى الثَّلاثَةِ الَّذينَ خُلِّفوا حَتّىٰ إِذا ضاقَت عَلَيهِمُ الأَرضُ بِما رَحُبَت وَضاقَت عَلَيهِم أَنفُسُهُم وَظَنّوا أَن لا مَلجَأَ مِنَ اللَّهِ إِلّا إِلَيهِ ثُمَّ تابَ عَلَيهِم لِيَتوبوا ۚ إِنَّ اللَّهَ هُوَ التَّوّابُ الرَّحيمُ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और उन तीनों पर भी जो पीछे छोड़ दिए गए थे, यहाँ तक कि जब धरती विशाल होते हुए भी उनपर तंग हो गई और उनके प्राण उनपर दुभर हो गए और उन्होंने समझा कि अल्लाह से बचने के लिए कोई शरण नहीं मिल सकती है तो उसी के यहाँ। फिर उसने उनपर कृपा-दृष्टि की ताकि वे पलट आएँ। निस्संदेह अल्लाह ही तौबा क़बूल करनेवाला, अत्यन्त दयावान है