68أُبَلِّغُكُم رِسالاتِ رَبّي وَأَنا لَكُم ناصِحٌ أَمينٌफ़ारूक़ ख़ान & नदवीमैं तुम्हारे पास तुम्हारे परवरदिगार के पैग़ामात पहँचाए देता हूँ और मैं तुम्हारा सच्चा ख़ैरख्वाह हूँ