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40
إِنَّ الَّذينَ كَذَّبوا بِآياتِنا وَاستَكبَروا عَنها لا تُفَتَّحُ لَهُم أَبوابُ السَّماءِ وَلا يَدخُلونَ الجَنَّةَ حَتّىٰ يَلِجَ الجَمَلُ في سَمِّ الخِياطِ ۚ وَكَذٰلِكَ نَجزِي المُجرِمينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और उनसे सरताबी की न उनके लिए आसमान के दरवाज़े खोले जाएंगें और वह बेहश्त ही में दाखिल होने पाएगें यहाँ तक कि ऊँट सूई के नाके में होकर निकल जाए (यानि जिस तरह ये मुहाल है) उसी तरह उनका बेहश्त में दाखिल होना मुहाल है और हम मुजरिमों को ऐसी ही सज़ा दिया करते हैं उनके लिए जहन्नुम (की आग) का बिछौना होगा