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200
وَإِمّا يَنزَغَنَّكَ مِنَ الشَّيطانِ نَزغٌ فَاستَعِذ بِاللَّهِ ۚ إِنَّهُ سَميعٌ عَليمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

अगर शैतान की तरफ से तुम्हारी (उम्मत के) दिल में किसी तरह का (वसवसा (शक) पैदा हो तो ख़ुदा से पनाह मॉगों (क्योंकि) उसमें तो शक़ ही नहीं कि वह बड़ा सुनने वाला वाक़िफकार है