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49
لَولا أَن تَدارَكَهُ نِعمَةٌ مِن رَبِّهِ لَنُبِذَ بِالعَراءِ وَهُوَ مَذمومٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

अगर तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी उनकी यावरी न करती तो चटियल मैदान में डाल दिए जाते और उनका बुरा हाल होता