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80
وَحاجَّهُ قَومُهُ ۚ قالَ أَتُحاجّونّي فِي اللَّهِ وَقَد هَدانِ ۚ وَلا أَخافُ ما تُشرِكونَ بِهِ إِلّا أَن يَشاءَ رَبّي شَيئًا ۗ وَسِعَ رَبّي كُلَّ شَيءٍ عِلمًا ۗ أَفَلا تَتَذَكَّرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उसकी क़ौम के लोग उससे झगड़ने लगे। उसने कहा, "क्या तुम मुझसे अल्लाह के विषय में झगड़ते हो? जबकि उसने मुझे मार्ग दिखा दिया है। मैं उनसे नहीं डरता, जिन्हें तुम उसका सहभागी ठहराते हो, बल्कि मेरा रब जो कुछ चाहता है वही पूरा होकर रहता है। प्रत्येक वस्तु मेरे रब की ज्ञान-परिधि के भीतर है। फिर क्या तुम चेतोगे नहीं?