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76
فَلَمّا جَنَّ عَلَيهِ اللَّيلُ رَأىٰ كَوكَبًا ۖ قالَ هٰذا رَبّي ۖ فَلَمّا أَفَلَ قالَ لا أُحِبُّ الآفِلينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तो जब उन पर रात की तारीक़ी (अंधेरा) छा गयी तो एक सितारे को देखा तो दफअतन बोल उठे (हाए क्या) यही मेरा ख़ुदा है फिर जब वह डूब गया तो कहने लगे ग़ुरुब (डूब) हो जाने वाली चीज़ को तो मै (ख़ुदा बनाना) पसन्द नहीं करता