You are here: Home » Chapter 6 » Verse 49 » Translation
← Sura 6 →
← Aya 49 →
49
وَالَّذينَ كَذَّبوا بِآياتِنا يَمَسُّهُمُ العَذابُ بِما كانوا يَفسُقونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

रहे वे लोग, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया, उन्हें यातना पहुँचकर रहेगी, क्योंकि वे अवज्ञा करते रहे है