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12
قُل لِمَن ما فِي السَّماواتِ وَالأَرضِ ۖ قُل لِلَّهِ ۚ كَتَبَ عَلىٰ نَفسِهِ الرَّحمَةَ ۚ لَيَجمَعَنَّكُم إِلىٰ يَومِ القِيامَةِ لا رَيبَ فيهِ ۚ الَّذينَ خَسِروا أَنفُسَهُم فَهُم لا يُؤمِنونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल उनसे) पूछो तो कि (भला) जो कुछ आसमान और ज़मीन में है किसका है (वह जवाब देगें) तुम ख़ुद कह दो कि ख़ास ख़ुदा का है उसने अपनी ज़ात पर मेहरबानी लाज़िम कर ली है वह तुम सब के सब को क़यामत के दिन जिसके आने मे कुछ शक़ नहीं ज़रुर जमा करेगा (मगर) जिन लोगों ने अपना आप नुक़सान किया वह तो (क़यामत पर) ईमान न लाएंगें