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60
قُل هَل أُنَبِّئُكُم بِشَرٍّ مِن ذٰلِكَ مَثوبَةً عِندَ اللَّهِ ۚ مَن لَعَنَهُ اللَّهُ وَغَضِبَ عَلَيهِ وَجَعَلَ مِنهُمُ القِرَدَةَ وَالخَنازيرَ وَعَبَدَ الطّاغوتَ ۚ أُولٰئِكَ شَرٌّ مَكانًا وَأَضَلُّ عَن سَواءِ السَّبيلِ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तुम्हें ख़ुदा के नज़दीक सज़ा में इससे कहीं बदतर ऐब बता दूं (अच्छा लो सुनो) जिसपर ख़ुदा ने लानत की हो और उस पर ग़ज़ब ढाया हो और उनमें से किसी को (मसख़ करके) बन्दर और (किसी को) सूअर बना दिया हो और (ख़ुदा को छोड़कर) शैतान की परस्तिश की हो पस ये लोग दरजे में कहीं बदतर और राहे रास्त से भटक के सबसे ज्यादा दूर जा पहुंचे हैं