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5
لِيُدخِلَ المُؤمِنينَ وَالمُؤمِناتِ جَنّاتٍ تَجري مِن تَحتِهَا الأَنهارُ خالِدينَ فيها وَيُكَفِّرَ عَنهُم سَيِّئَاتِهِم ۚ وَكانَ ذٰلِكَ عِندَ اللَّهِ فَوزًا عَظيمًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

ताकि वह मोमिन पुरुषों औप मोमिन स्त्रियों को ऐसे बाग़ों में दाख़िल करे जिनके नीचे नहरें बहती होंगी कि वे उनमें सदैव रहें और उनसे उनकी बुराईयाँ दूर कर दे - यह अल्लाह के यहाँ बड़ी सफलता है। -