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8
يَسمَعُ آياتِ اللَّهِ تُتلىٰ عَلَيهِ ثُمَّ يُصِرُّ مُستَكبِرًا كَأَن لَم يَسمَعها ۖ فَبَشِّرهُ بِعَذابٍ أَليمٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि ख़ुदा की आयतें उसके सामने पढ़ी जाती हैं और वह सुनता भी है फिर ग़ुरूर से (कुफ़्र पर) अड़ा रहता है गोया उसने उन आयतों को सुना ही नहीं तो (ऐ रसूल) तुम उसे दर्दनाक अज़ाब की ख़ुशख़बरी दे दो