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45
وَتَراهُم يُعرَضونَ عَلَيها خاشِعينَ مِنَ الذُّلِّ يَنظُرونَ مِن طَرفٍ خَفِيٍّ ۗ وَقالَ الَّذينَ آمَنوا إِنَّ الخاسِرينَ الَّذينَ خَسِروا أَنفُسَهُم وَأَهليهِم يَومَ القِيامَةِ ۗ أَلا إِنَّ الظّالِمينَ في عَذابٍ مُقيمٍ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और तुम उन्हें देखोगे कि वे उस (जहन्नम) पर इस दशा में लाए जा रहे है कि बेबसी और अपमान के कारण दबे हुए है। कनखियों से देख रहे है। जो लोग ईमान लाए, वे उस समय कहेंगे कि "निश्चय ही घाटे में पड़नेवाले वही है जिन्होंने क़ियामत के दिन अपने आपको और अपने लोगों को घाटे में डाल दिया। सावधान! निश्चय ही ज़ालिम स्थिर रहनेवाली यातना में होंगे