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18
يَستَعجِلُ بِهَا الَّذينَ لا يُؤمِنونَ بِها ۖ وَالَّذينَ آمَنوا مُشفِقونَ مِنها وَيَعلَمونَ أَنَّهَا الحَقُّ ۗ أَلا إِنَّ الَّذينَ يُمارونَ فِي السّاعَةِ لَفي ضَلالٍ بَعيدٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(फिर ये ग़फ़लत कैसी) जो लोग इस पर ईमान नहीं रखते वह तो इसके लिए जल्दी कर रहे हैं और जो मोमिन हैं वह उससे डरते हैं और जानते हैं कि क़यामत यक़ीनी बरहक़ है आगाह रहो कि जो लोग क़यामत के बारे में शक़ किया करते हैं वह बड़े परले दर्जे की गुमराही में हैं