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35
الَّذينَ يُجادِلونَ في آياتِ اللَّهِ بِغَيرِ سُلطانٍ أَتاهُم ۖ كَبُرَ مَقتًا عِندَ اللَّهِ وَعِندَ الَّذينَ آمَنوا ۚ كَذٰلِكَ يَطبَعُ اللَّهُ عَلىٰ كُلِّ قَلبِ مُتَكَبِّرٍ جَبّارٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जो लोग बगैर इसके कि उनके पास कोई दलील आई हो ख़ुदा की आयतों में (ख्वाह मा ख्वाह) झगड़े किया करते हैं वह ख़ुदा के नज़दीक और ईमानदारों के नज़दीक सख्त नफरत खेज़ हैं, यूँ ख़ुदा हर मुतकब्बिर सरकश के दिल पर अलामत मुक़र्रर कर देता है