You are here: Home » Chapter 4 » Verse 31 » Translation
← Sura 4 →
← Aya 31 →
31
إِن تَجتَنِبوا كَبائِرَ ما تُنهَونَ عَنهُ نُكَفِّر عَنكُم سَيِّئَاتِكُم وَنُدخِلكُم مُدخَلًا كَريمًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिन कामों की तुम्हें मनाही की जाती है अगर उनमें से तुम गुनाहे कबीरा से बचते रहे तो हम तुम्हारे (सग़ीरा) गुनाहों से भी दरगुज़र करेंगे और तुमको बहुत अच्छी इज्ज़त की जगह पहुंचा देंगे