You are here: Home » Chapter 4 » Verse 101 » Translation
← Sura 4 →
← Aya 101 →
101
وَإِذا ضَرَبتُم فِي الأَرضِ فَلَيسَ عَلَيكُم جُناحٌ أَن تَقصُروا مِنَ الصَّلاةِ إِن خِفتُم أَن يَفتِنَكُمُ الَّذينَ كَفَروا ۚ إِنَّ الكافِرينَ كانوا لَكُم عَدُوًّا مُبينًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

(मुसलमानों जब तुम रूए ज़मीन पर सफ़र करो) और तुमको इस अम्र का ख़ौफ़ हो कि कुफ्फ़ार (असनाए नमाज़ में) तुमसे फ़साद करेंगे तो उसमें तुम्हारे वास्ते कुछ मुज़ाएक़ा नहीं कि नमाज़ में कुछ कम कर दिया करो बेशक कुफ्फ़ार तो तुम्हारे ख़ुल्लम ख़ुल्ला दुश्मन हैं