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7
إِن تَكفُروا فَإِنَّ اللَّهَ غَنِيٌّ عَنكُم ۖ وَلا يَرضىٰ لِعِبادِهِ الكُفرَ ۖ وَإِن تَشكُروا يَرضَهُ لَكُم ۗ وَلا تَزِرُ وازِرَةٌ وِزرَ أُخرىٰ ۗ ثُمَّ إِلىٰ رَبِّكُم مَرجِعُكُم فَيُنَبِّئُكُم بِما كُنتُم تَعمَلونَ ۚ إِنَّهُ عَليمٌ بِذاتِ الصُّدورِ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

यदि तुम इनकार करोगे तो अल्लाह तुमसे निस्पृह है। यद्यपि वह अपने बन्दों के लिए इनकार को पसन्द नहीं करता, किन्तु यदि तुम कृतज्ञता दिखाओगे, तो उसे वह तुम्हारे लिए पसन्द करता है। कोई बोझ न उठाएगा। फिर तुम्हारी वापसी अपने रब ही की ओर है। और वह तुम्हे बता देगा, जो कुछ तुम करते रहे होगे। निश्चय ही वह सीनों तक की बातें जानता है