33رُدّوها عَلَيَّ ۖ فَطَفِقَ مَسحًا بِالسّوقِ وَالأَعناقِफ़ारूक़ ख़ान & नदवी(तो बोले अच्छा) इन घोड़ों को मेरे पास वापस लाओ (जब आए) तो (देर के कफ्फ़ारा में) घोड़ों की टाँगों और गर्दनों पर हाथ फेर (काट) ने लगे