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9
وَاللَّهُ الَّذي أَرسَلَ الرِّياحَ فَتُثيرُ سَحابًا فَسُقناهُ إِلىٰ بَلَدٍ مَيِّتٍ فَأَحيَينا بِهِ الأَرضَ بَعدَ مَوتِها ۚ كَذٰلِكَ النُّشورُ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और ख़ुदा ही वह (क़ादिर व तवाना) है जो हवाओं को भेजता है तो हवाएँ बादलों को उड़ाए-उड़ाए फिरती है फिर हम उस बादल को मुर्दा (उफ़तादा) शहर की तरफ हका देते हैं फिर हम उसके ज़रिए से ज़मीन को उसके मर जाने के बाद शादाब कर देते हैं यूँ ही (मुर्दों को क़यामत में जी उठना होगा)