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31
۞ وَمَن يَقنُت مِنكُنَّ لِلَّهِ وَرَسولِهِ وَتَعمَل صالِحًا نُؤتِها أَجرَها مَرَّتَينِ وَأَعتَدنا لَها رِزقًا كَريمًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और तुममें से जो (बीवी) खुदा और उसके रसूल की ताबेदारी अच्छे (अच्छे) काम करेगी उसको हम उसका सवाब भी दोहरा अता करेगें और हमने उसके लिए (जन्नत में) इज्ज़त की रोज़ी तैयार कर रखी है