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30
يا نِساءَ النَّبِيِّ مَن يَأتِ مِنكُنَّ بِفاحِشَةٍ مُبَيِّنَةٍ يُضاعَف لَهَا العَذابُ ضِعفَينِ ۚ وَكانَ ذٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسيرًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ऐ पैग़म्बर की बीबियों तुममें से जो कोई किसी सरीही ना शाइस्ता हरकत की का मुरतिब हुई तो (याद रहे कि) उसका अज़ाब भी दुगना बढ़ा दिया जाएगा और खुदा के वास्ते (निहायत) आसान है