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Sura 30
Aya 31
31
۞ مُنيبينَ إِلَيهِ وَاتَّقوهُ وَأَقيمُوا الصَّلاةَ وَلا تَكونوا مِنَ المُشرِكينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

उसी की तरफ रुजू होकर (ख़ुदा की इबादत करो) और उसी से डरते रहो और पाबन्दी से नमाज़ पढ़ो और मुशरेकीन से न हो जाना