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86
كَيفَ يَهدِي اللَّهُ قَومًا كَفَروا بَعدَ إيمانِهِم وَشَهِدوا أَنَّ الرَّسولَ حَقٌّ وَجاءَهُمُ البَيِّناتُ ۚ وَاللَّهُ لا يَهدِي القَومَ الظّالِمينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

अल्लाह उन लोगों को कैसे मार्ग दिखाएगा, जिन्होंने अपने ईमान के पश्चात अधर्म और इनकार की नीति अपनाई, जबकि वे स्वयं इस बात की गवाही दे चुके हैं कि यह रसूल सच्चा है और उनके पास स्पष्ट निशानियाँ भी आ चुकी हैं? अल्लाह अत्याचारी लोगों को मार्ग नहीं दिखाया करता