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29
قُل إِن تُخفوا ما في صُدورِكُم أَو تُبدوهُ يَعلَمهُ اللَّهُ ۗ وَيَعلَمُ ما فِي السَّماواتِ وَما فِي الأَرضِ ۗ وَاللَّهُ عَلىٰ كُلِّ شَيءٍ قَديرٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ऐ रसूल तुम उन (लोगों से) कह दो किजो कुछ तुम्हारे दिलों में है तो ख्वाह उसे छिपाओ या ज़ाहिर करो (बहरहाल) ख़ुदा तो उसे जानता है और जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में वह (सब कुछ) जानता है और ख़ुदा हर चीज़ पर क़ादिर है