You are here: Home » Chapter 3 » Verse 136 » Translation
← Sura 3 →
← Aya 136 →
136
أُولٰئِكَ جَزاؤُهُم مَغفِرَةٌ مِن رَبِّهِم وَجَنّاتٌ تَجري مِن تَحتِهَا الأَنهارُ خالِدينَ فيها ۚ وَنِعمَ أَجرُ العامِلينَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ऐसे ही लोगों की जज़ा उनके परवरदिगार की तरफ़ से बख्शिश है और वह बाग़ात हैं जिनके नीचे नहरें जारी हैं कि वह उनमें हमेशा रहेंगे और (अच्छे) चलन वालों की (भी) ख़ूब खरी मज़दूरी है