You are here: Home » Chapter 24 » Verse 51 » Translation
← Sura 24 →
← Aya 51 →
51
إِنَّما كانَ قَولَ المُؤمِنينَ إِذا دُعوا إِلَى اللَّهِ وَرَسولِهِ لِيَحكُمَ بَينَهُم أَن يَقولوا سَمِعنا وَأَطَعنا ۚ وَأُولٰئِكَ هُمُ المُفلِحونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ईमानदारों का क़ौल तो बस ये है कि जब उनको ख़ुदा और उसके रसूल के पास बुलाया जाता है ताकि उनके बाहमी झगड़ों का फैसला करो तो कहते हैं कि हमने (हुक्म) सुना और (दिल से) मान लिया और यही लोग (आख़िरत में) कामयाब होने वाले हैं