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97
قالَ فَاذهَب فَإِنَّ لَكَ فِي الحَياةِ أَن تَقولَ لا مِساسَ ۖ وَإِنَّ لَكَ مَوعِدًا لَن تُخلَفَهُ ۖ وَانظُر إِلىٰ إِلٰهِكَ الَّذي ظَلتَ عَلَيهِ عاكِفًا ۖ لَنُحَرِّقَنَّهُ ثُمَّ لَنَنسِفَنَّهُ فِي اليَمِّ نَسفًا

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

कहा, "अच्छा, तू जा! अब इस जीवन में तेरे लिए यही है कि कहता रहे, कोई छुए नहीं! और निश्चित वादा है, जो तेरे लिए एक निश्चित वादा है, जो तुझपर से कदापि न टलेगा। और देख अपने इष्ट-पूज्य को जिसपर तू रीझा-जमा बैठा था! हम उसे जला डालेंगे, फिर उसे चूर्ण-विचूर्ण करके दरिया में बिखेर देंगे।"